आर्ति प्रबंधं – १२
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमद्वरवरमुनये नम: आर्ति प्रबंधं << पासुर ११ एम्पेरुमानार – तिरुवाइमोळिप्पिळ्ळै – मणवाळमामुनिगळ उपक्षेप पिछले पासुरम में, मणवाळ मामुनि, श्री रामानुज से वडुग नम्बि के स्थिति अनुग्रह करने की प्रार्थना करते हैं। श्री रामानुज उनसे प्रश्न किये कि, “हे ! मणवाळ मामुनि ! आप वडुग नम्बि के स्थिति अनुदान करने … Read more