आऴ्वार्/आचार्यों के वाऴि तिरुनामम् – मुनिवाहन स्वामी (तिरुप्पाणाऴ्वार्) – सरल व्याख्या
श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः श्री वानाचल महामुनये नमः पूरी श्रृंखला << पूर्व मुनिवाहन स्वामी (तिरुप्पाणाऴ्वार्) की महिमा मुनिवाहन स्वामी (तिरुप्पाणाऴ्वार्) का अवतार उऱैयूर् नामक एक दिव्य क्षेत्र में हुआ था। आज यह स्थल तिरुक्कोऴि नाम से प्रसिद्ध है, जो श्रीरंगम् के निकट है। इस तीर्थक्षेत्र में महालक्ष्मी देवी स्वरूप कमलवल्ली … Read more