आऴ्वार्/आचार्यों के वाऴि तिरुनामम् – तिरुमऴिसै आऴ्वार् – सरल व्याख्या
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः पूरी श्रृंखला << मुदलाऴ्वार् (प्रथम तीन आऴ्वार्) तिरुमऴिसै आऴ्वार् (भक्तिसार योगी) वाऴि तिरुनामम् तिरुमऴिसै आऴ्वार् का जन्म तिरुमऴिसै (महीसारपुरम) में हुआ था। उनका जन्म नक्षत्र ‘माघ मघम्’ है — माघ मास (तै माह, तमिऴ् में) और मघ नक्षत्र। उन्होंने कई प्रबन्धम् के साथ इस संसार … Read more