ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ३१
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमत् वरवरमुनये नम: ज्ञान सारं ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ३० ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ३२ पाशुर-३१ वेदमोरू नान्किन उट्पोदिन्द मेय्प्पोरूलुम कोदिल मनु मुदल नूल कूरूवदुम – तीदिल सरणागति तन्द तन इरै वन ताले अरणागुम एन्नुम अदु प्रस्तावना: यह पाशुर यह समझाता हैं कि हमारे आचार्य हीं हमारे … Read more