आर्ति प्रबंधं – २४
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमद्वरवरमुनये नम: आर्ति प्रबंधं << पासुर २३ उपक्षेप साँसारिक संबंध के हटने से, अत्यंत सौभाग्य स्तिथि जो हैं ,परम श्रेयसी आचार्यो के मध्य पहुँचने तक के घटनाओँ की विवरण इस पासुरम में मणवाळ मामुनि प्रस्तुत करते हैं। पासुरम इंद उडल विटटु इरविमंडलत्तूडु येगी इव्वणडम कळित्तु इडैयिल आवरणमेळ पोय अन्दमिल … Read more