शरणागति गद्य – चूर्णिका 5 – भाग 5
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नम: शरणागति गद्य << चूर्णिका 5 – भाग 4 श्रीरंगनाथ भगवान के चरणकमल आईये अब हम इस चूर्णिका के अंतिम भाग को जानते है- अनालोचित विशेष अशेषलोक शरण्य ! प्रणतार्तिहर ! आश्रित वात्सल्यैक जलधे ! अनवरत विधित निखिल भूत जात याथात्म्य ! अशेष चराचरभूत निखिल नियम निरत … Read more