आर्ति प्रबंधं – १७
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमद्वरवरमुनये नम: आर्ति प्रबंधं << पासुर १८ उपक्षेप पिछले पासुरम में मणवाळ मामुनि श्री रामानुज से, उन्के चरण कमल प्राप्त होने की समय की विवरण प्रार्थना किये। अब मामुनि के अभिप्राय है कि ,इस प्रश्न से श्री रामानुज के मन में एक सोच पैदा हुआ हैं। वह है , … Read more