आर्ति प्रबंधं – २१
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमद्वरवरमुनये नम: आर्ति प्रबंधं << पासुर १० उपक्षेप यह पासुरम मणवाळ मामुनि और उनके मन के बीच की संभाषण है। उनकी मन का प्रश्न है “हे मणवाळ मामुनि ! पिछले पासुरम में आप परमपद के मार्ग की और श्रीमन नारायण से जीवात्मा की मिलन का भी विवरण दिए। अत्यंत … Read more