आर्ति प्रबंधं – २७
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमद्वरवरमुनये नम: आर्ति प्रबंधं << पासुर २६ उपक्षेप पिछले पासुरम में मणवाळ मामुनि, श्री रामानुज से प्रार्थना करते हैं , “ ओळि विसुम्बिल अड़ियेनै ओरुप्पडुत्तु विरैन्दे” अर्थात, परमपद पहुँचने की व्यवहार को शीघ्र ही पूर्ण करें। “वाने तरुवान एनक्काइ”(तिरुवाय्मोळि १०. ८. ५ ) के अनुसार श्री रामानुज मणवाळ मामुनि … Read more