ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ५
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमत् वरवरमुनये नम: ज्ञान सारं ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ४ ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ६ पासुर ५ तीर्थ मुयन्ड्ऱाडुवदुम् सेइ तवन्गळ् सेइवनवुम् पार्त्तनै मुन् कात्त पिरान् पार्प्पदन् मुन् – सीर्तुवरै मन्नन् अडिययोम् एन्नुम् वाल्वु नम्कीन्ददर्पिन् एन्न कुऱै वेण्डुमिनि प्रस्तावना: श्री द्वय महामंत्र के प्रथम खण्ड … Read more