आर्ति प्रबंधं – ३८
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमद्वरवरमुनये नम: आर्ति प्रबंधं << पासुर ३७ उपक्षेप पिछले पासुरम में मामुनि “इन्रळवुम इल्लाद अधिकारं” वचन का प्रयोग किए। पासुरम में वे इस वचन कि विश्लेषण , तर्क और कारण विवरण के संग करतें हैं। पासुरम ३८ अंजिल अरियादार अयबदिलुम ताम अरियार एन्सोल एनक्को ऐतिरासा! – नेंजम उन … Read more