शरणागति गद्य – चूर्णिका 5 – भाग 3
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नम: शरणागति गद्य << चूर्णिका 5 – भाग 2 पिछले अंकों में हमने भगवान के स्वरुप (प्रकृति), रूप गुण (दिव्य विग्रह के गुण), आभूषणों, आयुधों, और महिषियों के विषय में किये गए वर्णन को देखा। अब हम श्रीवैकुण्ठ और लीला विभूति में उनके आश्रितों के विषय में जानेंगे। … Read more