आर्ति प्रबंधं – १९
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमद्वरवरमुनये नम: आर्ति प्रबंधं << पासुर १७ उपक्षेप पिछले पासुरम में मणवाळ मामुनि श्री रामानुज से, इस साँसारिक लोक के नित्य अंधकार और अज्ञान में फॅसे , खुद केलिए रोशनी दिखाने की प्रार्थना करते हैं। इस पासुरम में वे बताते हैं कि वे अपने शरीर के वश में हैं … Read more