आर्ति प्रबंधं – १

श्री:  श्रीमते शठकोपाय नम:  श्रीमते रामानुजाय नम:  श्रीमद्वरवरमुनये नम: आर्ति प्रबंधं << अवतारिका (उपक्षेप) वाळि एतिरासन वाळि एतिरासन वाळि एतिरासानेन वाळ्तुवार वाळियेन वाळ्तुवार वाळि एन वाळ्तुवार ताळिनैयिल ताळ्तुवार विण्णोर तलै शब्दार्थ विण्णोर – नित्यसूरीया (श्रीमन नारायण के नित्य निवास परमपद में उनके नित्य सेवक) तलै – कोई जनों को अपने स्वामी मानते हैं। ताळ्तुवार – … Read more

आर्ति प्रबंधं – अवतारिका (उपक्षेप)

श्री:  श्रीमते शठकोपाय नम:  श्रीमते रामानुजाय नम:  श्रीमद्वरवरमुनये नम: आर्ति प्रबंध << तनियन (आवाहन) उनके भक्त उन तक पहुँचे, यह श्री:पति श्रीमन नारायण निश्चित करते हैं। यह सफल होने केलिए वे अपने भक्तों में अपने तक पहुँचने कि इच्छा जागृत करते हैं। यह इच्छा क्रमशः परभक्ति, परज्ञान , परम भक्ति के रूप में खिल्ती हैं। … Read more

शरणागति गद्य – चूर्णिका 2 , 3 और 4

श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नम: शरणागति गद्य << चूर्णिका 1 श्रीरंगनाच्चियार (पेरिय पिराट्टीयार) – श्रीरंगम श्रीरामानुज स्वामीजी – श्रीरंगम चूर्णिका 2: अवतारिका (भूमिका) प्रथम चूर्णिका में, श्रीरामानुज स्वामीजी ने सर्वप्रथम श्रीजी द्वारा आश्रय प्रदान करने के सामर्थ्य और कही और आश्रय न पाने की स्वयं की असमर्थता को दर्शाया; तदन्तर वे … Read more

उत्तरदिनचर्या – निष्कर्ष

श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवर मुनये नमः परिचय श्लोक १४ निष्कर्ष दिनचर्या शब्द नित्यानुष्ठान को सूचित करती हैं। आराधनीय भगवान , आराधना करनेवाले मनवालाममुनि के प्रति ,  आराधन-रूप  इन  अनुष्ठानो  के   प्रति    अतीत    भक्ति के सात इस ग्रन्थ को हमेशा अनुसंधान करनी हैं। परमपद –  नित्य विभूति जो  ऊंची  स्थान  हैं। अण्डों और … Read more

उत्तरदिनचर्या – श्लोक – १४

श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवर मुनये नमः परिचय श्लोक १३                                                                                        … Read more

उत्तरदिनचर्या – श्लोक – १३

श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवर मुनये नमः परिचय श्लोक १२                                                                                       … Read more

उत्तरदिनचर्या – श्लोक – १२

श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवर मुनये नमः परिचय श्लोक ११                                                                                     … Read more

उत्तरदिनचर्या – श्लोक – ११

श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवर मुनये नमः परिचय श्लोक १०                                                                                     … Read more

उत्तरदिनचर्या – श्लोक – १०

श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवर मुनये नमः परिचय श्लोक ९                                                                                       … Read more

उत्तरदिनचर्या – श्लोक – ९

श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवर मुनये नमः परिचय श्लोक ८                                                                                       … Read more