ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) १८
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमत् वरवरमुनये नम: ज्ञान सारं ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) १७ ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) १९ पाशूर १८ ईनमिला अन्बर् एन्रालुम् एय्दिला मानिडरै .एल्लावणत्तालुम् – तान् अरिय विट्टार्कु एळियन् विडादार्क्कु अरिवरियन् मट्टार् तुळाय् अलङ्गल् माल् शब्दशः अर्थ : ईनमिला अन्बर् एन्रालुम् एय्दिला – श्रीमन्नारायण भगवान के चरण कमलों … Read more