आर्ति प्रबंधं – २८
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमद्वरवरमुनये नम: आर्ति प्रबंधं << पासुर २७ उपक्षेप नेक और ज्ञान संबन्धित कार्यो में व्यस्त रहने पर भी परमपद की रुचि या इच्छा मणवाळ मामुनि के मन में श्री रामानुज के अनुग्रह से ही उत्पन्न हुई। श्री रामानुज के इस अत्यंत कृपा को मणवाळ मामुनि इस पासुरम में प्रशंसा … Read more