ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ३५
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमत् वरवरमुनये नम: ज्ञान सारं ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ३४ ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ३६ पाशुर-३५: एन्रुम अनैत्तुयिर्क्कुम ईरञ्सेय नारणनुम अन्रुम तन आरियन पाल अन्बोलियिल – निन्र पुनल पिरिन्द पङ्गयत्तैप पोङ्गु सुडर वेय्योन अनल उमिलन्दु तान उलर्त्तियट्रु प्रस्तावना: आखरि दो पाशुर में स्वामीजी श्री देवराज मुनि लोगों … Read more