ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ३६
श्री: श्रीमते शठकोपाय नम: श्रीमते रामानुजाय नम: श्रीमत् वरवरमुनये नम: ज्ञान सारं ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ३५ ज्ञान सारं – पासुर (श्लोक) ३७ पाशुर-३६ विल्लार मणि कोलिक्कुम वेंकटा पोर कुंरु मुदल सोल्लार पोलिल सूल तिरुप्पदिगल – एल्लाम मरुलाम इरूलोड मत्तगत्तुत तन ताल अरूलालै वैत्त अवर प्रस्तावना: एक शिष्य जो अपने आचार्य के शरण हो गया उसके … Read more