आऴ्वार्/आचार्य वाऴि तिरुनामम् – मधुरकवि आऴ्वार् – सरल व्याख्या
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमत् वरवरमुनये नमः पूरी श्रृंखला << श्री शठकोप स्वामी (नम्माऴ्वार्) मधुरकवि आऴ्वार् का वैभव मधुरकवि आऴ्वार् का जन्म तिरुक्कोलूर दिव्य देशम् में हुआ, जो आऴ्वार् तिरुनगरी के निकट स्थित है। उनका जन्म चैत्र (चित्तिरै) मास में चित्रा (चित्तिरै) नक्षत्र के दिन हुआ था। उन्होंने ११ पासुरों का एक … Read more